हो.. टूट के बिखरना मुझको ज़रूर आता है
वरना इबादत वाला सहूर आता है
सजदे में रहने दो
अब कहीं न जाऊंगा
सजदे में रहने दो
अब कहीं न जाऊंगा
अब जो तुमने ठुकराया तो संवर न पाउँगा
मौला मौला मौला मेरे मौला
मौला मौला मौला मौला
मौला मौला मौला मौला
मरम्मत मुक़द्दर की कर दो मौला
गुलज़ार
No comments:
Post a Comment